शनिवार, 8 अगस्त 2015

राधे माँ

दोस्तों! वैसे राधेमाँ का अपराध क्या है? वो तो बेचारी, सुंदर, गोरी, चमचमाती महिला हैं...आप सब उन्हें कटघरे में क्यों खड़ा कर रहे हैं? मुझे तो उस महिला का कोई दोष नहीं नज़र आता!!!! .
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क्या??? आपका कहना है कि वह धर्म के नाम पर गुमराह कर रही है!!! व्यभिचार फैला रही है!!!
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अरे!! तो वही तो समझा रही हूं मैं...आप खुद को शिकार बनने ही क्यों देते हैं!!! ऐसे लोगों को इस स्तर तक बढ़ावा ही क्यों देते हैं!!! उस औरत को कटघरे में खड़ा करने वाले आप सब खुद गुनहगार हैं।
विरोध करना ही है तो शुरू से करिए।

जय हिंद

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