रविवार, 28 अगस्त 2016

whatsapp ki kahaniyan

मित्रों! व्हाट्सएप आज हम सभी के जीवन का अभिन्न अंग बन गया है| इसी को ध्यान में रखते हुए पिछले वर्ष पहली बार इस थीम पर छोटी-छोटी कहानियाँ लिखीं थीं | वह पुस्तक प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित हुई - "व्हाट्सएप रिश्ते नातों की कहानियाँ" किताब खूब सराही गई और खूब बिकी | मैने इसमें अपने पाठकों को चैटिगों के माध्यम से सकारात्मक सन्देश देने का प्रयास किया था |
इसका लोकार्पण विश्व पुस्तक मेले में 14 जनवरी 2016, दिन गुरूवार को वरिष्ठ कथाकार आदरणीय चित्रा मुद्गल जी, वरिष्ठ कहानीकार श्री तेजेंद्र शर्मा जी और सुप्रसिद्ध कवि एवं प्रोड्यूसर दूरदर्शन डॉ. अमरनाथ अमर जी के हाथों संपन्न हुआ था |
आज भी याद है कि आदरणीय चित्रा जी ने कहा था कि, “छोटी-छोटी कहानियों के रूप में यह नए तरह का प्रयास है | संभव है आगे ऐसी कहानियाँ अन्य लोगों द्वारा भी लिखीं जाएँ |”
श्री तेजेंद्र जी ने कहा था कि, “भविष्य में जब भी इस प्रकार की कहानियों का मूल्यांकन होगा तो उसकी पहली लेखिका ‘रश्मि’ ही मानी जाएगी |”
डॉ. अमरनाथ जी का कथन था कि, “आने वाले समय में ऐसी कहानियाँ बड़ी संख्या में लिखी जाएँगी |”
......और सभी महानुभावों के कथन सत्य सिद्ध हुए | व्हाट्सएप की कहानियाँ अन्य लेखकों द्वारा लिखी जाने लगीं हैं और बाज़ार में आ रही हैं | 
मेरी यह किताब आप फ्लिपकार्ट, अमेज़न, स्नैपडील, पुस्तकमंडी आदि अनेक जगहों से (पेपरबैक मूल्य मात्र 72 से 80 रुपयों के आसपास और हार्डकवर मूल्य 180 रुपयों के आसपास) में उपलब्ध हैं |

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